
विंढमगंज, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
कोन-विंढमगंज मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास के समीप इन दिनों एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसने राहगीरों की सुरक्षा को सीधा खतरा पहुंचा दिया है। सिता मोड़ चौराहे से लगभग 1000 मीटर की दूरी पर सड़क के बीचों-बीच 20 एमएम का मजबूत स्टील रॉड (सरिया) बाहर निकला हुआ है, जो हर आने-जाने वाले के लिए किसी ‘मौत के जाल’ से कम नहीं है।
यह मार्ग क्षेत्र के प्रमुख और व्यस्त रास्तों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चों से लेकर बाइक सवार और चारपहिया वाहन चालकों तक, हर कोई इस खतरे के साए में सफर करने को मजबूर है। जरा सी असावधानी या संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई दिनों से बनी इस खतरनाक स्थिति पर न तो रेलवे विभाग ने ध्यान दिया है और न ही स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई की है।
इसी बीच सलैयाडिह निवासी रूपेश प्रजापति ने सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए सरिया के पास एक डंडे में लाल कपड़ा बांधकर चेतावनी संकेत लगाया, ताकि राहगीर सावधान रह सकें। उनका यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। रूपेश का कहना है कि “अगर जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।”
स्थानीय ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा घोर लापरवाही बरती गई है और अधूरा काम छोड़ दिया गया है, जिससे आमजन की जान जोखिम में पड़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सरिया हटाकर सड़क की मरम्मत कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल यह उठता है कि क्या जिम्मेदार विभाग समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगे, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था की नींद खुलेगी।






